“माँ”

जिन्दगी की मुस्कान हो तुम,

दिल की आवाज हो तुम,

आँखों में बसे ख्वाब हो तुम,

मंजिल की पहचान हो तुम,

संघर्ष  में रोशनी की दीवार हो तुम,

गर्मी में पेङों की छाँव हो तुम,

ममता की भण्डार हो तुम,

पृथ्बी पर देवी की अवतार हो तुम ।

 

23-08-2016                      आनन्द कुमार यादव

“सच्चाई”

सच्चाई एक कङवी बूटी है,

सभी लोग इसका सेवन नहीं कर सकते हैं,

करने वाले जिन्दगी से स्वस्थ रहते हैं,

ना करने वाले समस्याओं से ब्यस्त रहते हैं,

रास्ते कठिन इसमें होते हैं,

सच्चे रास्ते पर चलने वाले विजयी होते हैं ।

 

23-08-2016                                आनन्द कुमार यादव

“LIFE”

Spread voice of the heart,

Get popularity of moment,

Don’t follow other,

Follow inner voice,

Face the struggles,

Move on your dreams,

Take a moment to live life

 

Take hope on your dreams,

Make road in blinking stars,

Take one step ahead in the moonlight,

Touch the sky in the Sunlight,

Take a moment to live life

 

Make small spark in a glowing fireball,

Believe in yourself,

Face all difficulties with courage,

Break the wall of the road,

Take responsibility for life,

Take a moment to live life.

 

People laugh at you,

Don’t think about them,

Achieve passion in life,

Everybody get excite to meet you,

Take a moment to live life.

 

DATE:23-08-2016                   WRITER:ANAND KUMAR YADAV

“दो पल की जिन्दगी जी ले यहाँ”

दिल की आवाज को जमाने में फैला दे यहाँ, कर ले निशानी हर पल की यहाँ, जमाने की धून में ना रम यहाँ, अपने दिल की सुन ले यहाँ, मुस्किलों का सामना कर ले यहाँ, चलते –चलते आगे चल दे यहाँ, दो पल की जिन्दगी जी ले यहाँ ।

आँखों में सपना सजा ले यहाँ, कुछ निशानी छोङ जा यहाँ, जमाना याद करे हर पल तुझे यहाँ, बुराईयों से दुर रहकर दुर कर दे यहाँ, गलत रास्ते पर ना चलना यहाँ, गरीबों का सहायता कर ले यहाँ, दो पल की जिन्दगी जी ले यहाँ ।

ख्वाबों को उम्मीदों में बसा ले यहाँ, टिमटिमाते तारों में रास्ता बना ले यहाँ, चाँद की रोशनी में पैर बढ़ा ले यहाँ, सुरज की रोशनी में परचम लहरा ले यहाँ, अपने भाववेग को बढ़ा ले यहाँ, चिंगारी को दहकते आग का गोला बना ले यहाँ, दो पल की जिन्दगी जी ले यहाँ ।

अपने विश्वास को बना ले यहाँ, संघर्स का सामना कर ले यहाँ, रास्तों की दिवारों को तोङ दे यहाँ, आँखों में सपना पुरा कर ले यहाँ, काम करो ऐसा दिल में बसा ले यहाँ, दो पल की जिन्दगी जी ले यहाँ ।

करुंगा पुरा ख्वाब अपना यहाँ, रोशन होगा नाम एक दिन यहाँ, जिन्दगी पल की मेंहमाँ है यहाँ, दो पल की जिन्दगी जी ले यहाँ ।

जो दूर गये तुमसे ना नफरत करते यहाँ, कुछ पल तेरे साथ बीता चले यहाँ, हाँसिल करों ऐसा मुकाम जिन्दगी में यहाँ, मिलने के लिए ब्याकुल हो यहाँ, मंजिल को पाने की हर कोशिश करो यहाँ, दो पल की जिन्दगी जी ले यहाँ ।

तारीखः23-08-2016 लेखकः आनन्द कुमार यादव

SUCCESS STORY OF MY FRIEND

“Success is walking from failure to failure with no loss of enthusiasm.”

Hello to all banking aspirants who are reading this article. Recently my friend Tonmoi got selected in IBPS PO, IBPS CLERK, IBPS RRB OFFICER SCALE 1 and IBPS RRB OFFICE ASSISTANT. He shared his story of success with me.

 The journey started after I completed my graduation in B-Tech (Mechanical Engr.). Like any other graduate, I also started to. search for various technical jobs. But could not find any job that was satisfactory. I shifted my mind towards bank and joined a coaching institute but frankly I would say coaching institute just can guide an individual but the main part of the game has to be played by the individual. And that can only be done by rigorous practice and smart choosing of questions. One can go for http://www.bankersadda.com, BSC magazine. But with IBPS getting tougher one has to allot most of the time to reasoning and aptitude.

First January of this year brought smile on my face when I saw the result of IBPS RRB 2015-16. I was selected in both OFFICER SCALE 1 as well as OFFICE ASSISTANT in Assam Gramin Vikash Bank. But first of April made me the happiest when I was selected in IBPS PO and IBPS CLERK in UCO BANK. I joined UCO BANK as probationary officer.

“Success means doing the best we can with what we have. Success is the doing, not the getting; in the trying, not the triumph. Success is a personal standard, reaching for the highest that is in us, becoming all that we can be.”

ALL THE BEST!!! For IBPS 2016

“सपनों की उङान”

आसमाँ को छू लेंगें हम,
हारेंगे ना कभी हम,
कुछ करके दिखायेंगे हम,
है सपना बस यही ऊँचाइयों पर,
चढते हुये हर मंजिल पायेंगे हम,
सपनों की उङान है।।

ना भूख है ना प्यास है,
मेरे रास्ते में चुनौतीयों की आश है,
हर चुनौती में सफलता की साज है,
दिल में ना जाने कैसी आग है,
हवाओं से तेज मंजिल का एहसास है,
रात नहीं दिन नहीं बस मंजिल की प्यास है,
बाधाँयें है रास्ते में तोङने का विश्वास है,
सपनों की उङान है।।

तारीखः13-08-2016 लेखकः आनन्द कुमार यादव

शहीद भगत सिंह

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जन्म 28 सित्मबर 1907 लायलपूर के वासी थे,
माता बिद्यावती कौर पिता सरदार किशन सिंह थे,
छात्र एक मेधाबी भारत माँ के पुत्र हिन्दुस्तान के वासी थे,
देश के लिए जज्बाती थे।।

13 अप्रेल 1919 जलियाबाग वाला काण्ड की लहर जब देखे,
भारत देश को आजाद कराने की प्रतिज्ञा कर बैठे,
जज्बातों से भरे नौजवानों का संगठन कर बैठे,
चन्द्रशेखर आजाद,सुखदेव और राजगुरु से हाथ मिला बैठे,
आजादी की समाँ जला बैठे।।

भारत माँ की सौगंध लेकर बोले,
लाला लाजपत राय के प्रतिशोध की ज्वाला जलायेंगें,
खुँन की नदियाँ बहायेंगें,
अंग्रेजों को भारत से भगायेंगें,
भारत को आजाद करायेंगें।।

किए धमाका बम का केन्द्रिय संसद में,
मच गया हङकम अंग्रेजों के बीच में ।।

नहि डरे नहि झुके देश के लिए लडे,
हजारों कोङे जब उन पर पङे,
एक हाथ भारत माँ की जयकारा करें एक हाथ तिरंगा लिए खङे।।

जलाई प्रतिशोध की ज्वाला एक चिंगारी उनके अन्दर आकर,
किए तांडव भारी ए.एस.पी साण्डर्स को मारकर,
चला दल उनका हाथों में हाथ मिलाकर,
भारत माँ की जयकारा लगाकर।।

आ पङी अमर होने की घङी,
23 मार्च 1931 को गले में फाँसी पङी,
तब भारत माँ ने बोल पङी,
आजा मेरे लाल तेरे स्वागत में आँचल फैलाकर हूँ खङी,
हसते-हसते फाँसी जब गले में पङी,
जूबाँ से जवाँ निकल पङी,
बन्दे मातरम्- बन्दे मातरम्।।

अमर हो चले भारत माँ के लाल,
आज हम करते हैं उनको याद,
यही है मेरी सबसे फरियाद।।

आओ मिलकर करते हैं नमन्
जो करते थे वतन के जतन,
हाथ उठाकर करें उनको नमन्।।

बन्दे मातरम्- बन्दे मातरम्……..

तारीखः13-08-2016 लेखकः आनन्द कुमार यादव